Zindagi Shayari 3

ज़िन्दगी में हमेशा नए लोग मिलेंगे,
कहीं ज्यादा कहीं कम मिलेंगे,
एतबार ज़रा सोचकर करना,
मुमकिन नहीं हर जगह तुम्हें हम मिलेंगे...
चेहरे की हँसी से हर गम को मिटा दो,
बहुत कम बोलो पर सब कुछ बता दो,
खुद ना रूठो पर सबको मनालो,
यही राज़ है ज़िन्दगी का कि जियो और जीना सिखा दो...
फिर ना सिमटेगी मोहब्बत जो बिखर जायेगी,
ज़िन्दगी जुल्फें नहीं, जो फिर संवर जायेगी,
थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे,
ये ज़िन्दगी ठहरेगी नहीं जो गुज़र जायेगी...
कभी खुशी की आशा, कभी गम की निराशा,
कभी खुशियों की धूप, कभी हकीकत की छाया,
कुछ खोकर कुछ पाने की आशा,
शायद यही है ज़िन्दगी की सही परिभाषा...
हर पल ग़मों की याद में जलती है ज़िन्दगी,
बस मोम की तरह पिघलती है ज़िन्दगी,
क्या राज़ है ये इश्क हुआ है जब से,
बरबादियों की राह पे बस चलती है ज़िन्दगी...
किस्मत दूसरा मौका नहीं देती,
दुनियां अनजाने को पनाह नहीं देती,
ज़िन्दगी से इतना प्यार मत करना,
क्योंकि मौत रिश्वत नहीं लेती...
दूर इशारों से कभी बात नहीं होती,
चंद आंसू बहाने से बरसात नहीं होती,
ये ज़िन्दगी कोई ख्वाब नहीं हकीक़त है,
आँखें बंद कर लेने से रात नहीं होती...
मौत के बाद याद आ रहा है कोई,
मिट्टी मेरी कब्र की उठा रहा है कोई,
ए खुदा दो पल की ज़िन्दगी और दे-दे,
मेरी कब्र से उदास जा रहा है कोई...
ज़िन्दगी जब भी अपना पता देती है,
इसमें कितना ग़म है बता देती है,
भूलकर भी कभी अपनों को ना खोना,
क्योंकि यही वो बात है जो अक्सर रुला देती है...
ना मंज़िल ना किनारा मिला इस ज़िन्दगी में,
कुछ तन्हाई कुछ यादों का सहारा मिला इस ज़िन्दगी में,
सोचा हम ही हैं बस ऐसी किस्मत ले कर आए,
पर जब देखा तो हर कोई हारा मिला इस ज़िन्दगी में...