Yaadein Shayari 8

तेरी याद ने बुरा हाल कर दिया,
तन्हा मेरा जीना मुहाल कर दिया,
सोचा जो तुम्हें याद ना करें,
दिल ने धड़कने से इनकार कर दिया...
हम कभी आपसे खफा हो नहीं सकते,
ये दिल के रिश्ते बेवफा हो नहीं सकते,
आप भले हमें भुलाके सो जाओ,
हम आपको याद किए बिना सो नहीं सकते...
पाने से खोने का मज़ा और है,
बंद आँखों से देखने का मज़ा और है,
आंसू बने लफ्ज़ और लफ्ज़ ग़ज़ल,
तेरी यादों के साथ जीने का मज़ा कुछ और है...
हर रोज़ मैं कागजों को काला करता हूँ,
दिल के जज्बातों को लफ़्ज़ों में निकाला करता हूँ,
यूँ तो अँधेरा ही है रहता दिल के बियाबान में,
तेरी यादों के चिरागों से हर शाम उजाला करता हूँ...
इस शाम ने दिलाई है याद किसी ख़ास की,
जिसको पाने की मुझे आस थी,
वो तो ना मिली पर उनका एहसान साथ है,
यादों में ही सही पर वो आज भी मेरे पास है...
उसकी यादों में उसकी बातों में,
कहीं मेरा अक्स झिलमिलाता होगा,
लाख मसरूफ होगा अपने कामों में,
फिर भी मुझे सोचकर कभी तो मुस्कुराता होगा...
आज़माइश प्यार में ज़रूरी होती है,
ना मिल पाना किसी की मज़बूरी होती है,
याद दूर से तो आप कर सकते हैं,
लेकिन दिल की हसरत मिलने से पूरी होती है...
बूंदे बारिश की यूँ ज़मीन पे आने लगी,
सोंधी सी महक मट्टी की जगाने लगी,
हवाओं में भी जैसे मस्ती छाने लगी,
वैसे ही हमें भी आपकी याद आने लगी...
अजीब लगती है शाम कभी-कभी,
ज़िन्दगी लगती है बेजान कभी-कभी,
समझ आए तो मुझे भी बताना की,
क्यों करती है यादें परेशान कभी-कभी...
उसको दिल की हर बात सुनाना चाहूँ,
छोड़ पाऊँ उसे, ना अपना बनाना चाहूँ,
मुझको भी है याद कुछ हंसी लम्हें,
भूल के भी जिनको ना मैं भुलाना चाहूँ...