Yaadein Shayari 5

सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा,
सदियां बीत गयीं वो लम्हा याद रहा,
जाने क्या बात है आपमें,
सारी महफ़िल भूल गए बस वो पल याद रहा...
पैगाम तो एक बहाना था,
इरादा तो आपको याद दिलाना था,
आप याद करो या ना करो कोई बात नहीं,
पर आपकी याद आती है,
बस इतना ही हमने आपको बताना था...
उनकी याद में सब कुछ भुलाए बैठे हैं,
चिराग खुशियों के बुझाए बैठे हैं,
हम तो मरेंगे उनकी बाहों में,
ये मौत से शर्त लगाए बैठे हैं...
एक अधूरी ख्वाइश मेरी पूरी हो जाए,
मुझे याद करना उनकी मजबूरी हो जाए,
ऐ खुदा कुछ ऐसी तकदीर बना दे,
कि उनकी हर ख़ुशी हमारे बिना अधूरी हो जाए...
किस कदर खूब है दिल्लगी आपकी,
दिल में हमेशा रहेगी यादें आपकी,
जब भी फुरसत के लम्हें मिलते हैं हमें,
उन्ही लम्हों में आके रुला देती है यादें आपकी...
दूर हैं आपसे तो कोई गम नहीं,
दूर रहके भूलने वाले हम नहीं,
रोज़ मुलाक़ात ना हो तो क्या हुआ,
आपकी याद आपकी मुलाक़ात से कम नहीं...
कदमों की दुरी से दिलों के फासले नहीं बढ़ते,
दूर होने से एहसास नहीं मरते,
कुछ कदमों का फासला ही सही हमारे बीच,
लेकिन ऐसा कोई पल नहीं जब हम आपको याद नहीं करते...
मौसम है बारिश का और याद तुम्हारी आती है,
बारिश के हर कतरे से आवाज़ तुम्हारी आती है,
बादल जब गरजता है, दिल की धड़कन बढ़ती है,
दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ तुम्हारी आती है,
जब तेज़ हवाए चलती हैं तो जान हमारी जाती है...
आज हल्की-हलकी बारिश है,
आज सर्द हवा का रक्स भी है,
आज फूल भी निखरे-निखरे हैं,
आज उनमें तुम्हारा अक्स भी है...
ना मुस्कुराने को जी चाहता है,
ना आंसू बहाने को जी चाहता है,
लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में,
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है...