Yaadein Shayari 2

तेरे बगैर ज़िन्दगी में कुछ भी नहीं है,
तु साथ नहीं तो खुशी भी खुशी नहीं है,
चली आओ आज तो किसी बहाने से ए-सनम,
तेरी याद में मेरी धड़कन थमी-थमी है...
हर पल साथ रहने की कसम खायी है,
मैंने हर रसम उल्फत की निभाई है,
वो दामन बचाकर फूलों में बैठे हैं,
मेरे आँगन में सिर्फ तेरी याद समायी है...
तेरी याद भी कमाल करती है,
कैसे-कैसे हमसे सवाल करती है,
एक पल को तनहा नहीं करती मुझे,
तेरी याद भी मेरा कितना ख्याल करती है...
खुसबू तेरी मुझे मेखा जाती है,
तेरी हर बात मुझे बहका जाती है,
साँस को बहुत देर लगती है आने में,
हर साँस से पहले तेरी याद आ जाती है...
दिल की किताब का पन्ना चुरा लेगए तुम,
आँखों से नींद उड़ा लेगए तुम,
तेरी याद में तड़पने की आदत नहीं थी मुझे,
अपनी यादों में तड़पाना सिखा गए तुम...
वो तो पास नहीं है मेरे,
पर दिल की हर धड़कन है,
वो तो मंजिल है मेरी पर अभी वो जरा दूर है,
चलना पड़ेगा यारों कुछ देर.. पर अकेले नहीं,
उसकी यादें हमेशा संग हैं...
मोहब्बत की हवा जिस्म की दवा बन गयी,
दूरी आपकी मेरी चाहत की सजा बन गयी,
कैसे भूलूं आपको एक पल के लिए,
आपकी याद हमारे जीने की वजह बन गयी...
इस दुनिया में सब कुछ बिकता है,
फिर जुदाई ही रिश्वत क्यों नहीं लेती,
मरता नहीं है कोई किसी से जुदा होकर,
बस यादें ही हैं जो जीने नहीं देती...
कुछ बीते हुए लम्हों से मुलाकात हुई,
कुछ टूटे हुए सपनो से बात हुई,
याद जो करने बैठे उन तमाम यादों को,
तो आपकी यादों से शुरुआत हुई...
तन्हाई मेरे दिल में समाती चली गयी,
किस्मत भी अपना खेल दिखाती चली गयी,
महकती फिजा की खुसबू में जो देखा प्यार को,
बस याद उनकी आई और रुलाती चली गयी...