Shayari

क्यों किसी की यादों में रोया जाए,
क्यों किसी के ख्यालों में खोया जाए,
मेरा तो यकीन है,
बाहर मौसम बहुत ख़राब है,
क्यों ना रज़ाई तानकर सोया जाए...