Winter Shayari 1

क्यों किसी की यादों में रोया जाए,
क्यों किसी के ख्यालों में खोया जाए,
मेरा तो यकीन है,
बाहर मौसम बहुत ख़राब है,
क्यों ना रज़ाई तानकर सोया जाए...
मौसम ने ली अंगड़ाई, और हमने ओढ़ी रज़ाई,
आइस-क्रीम से हुई लढाई, मूंगफली घर में आई,
कोल्ड ड्रिंक से मुँह मोड़ लिया, कॉफ़ी से नाता जोड़ लिया...
कभी हौसला भी आज़माना चाहिए,
बुरे वक्त में भी मुस्कुराना चाहिए,
चाहे कितनी भी ठण्ड पड़े हफ्ते में,
एक बार तो तुम्हें नहाना चाहिए...
खुदा करे किसी को मोहब्बत में जुदाई ना मिले,
कभी भी किसी को इश्क में बेवफाई ना मिले,
और जो मेरी इस पोस्ट को पढ़कर भी शेयर ना करे,
उसको ठण्ड में कभी रजाई ना मिले...
लड़की रो-रो के लड़के से कह रही है,
लड़की रो-रो के लड़के से कह रही है,
हाथ छोड़ो जान,
मेरी नाक बह रही है,
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आआआआ छि....
सारी रातें गुज़र रहीं हैं,
बस इसी कशमकश में की,
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ये साली रज़ाई में हावा किधर से घुस रही है...
विंटर का ज़माना है,
मेसेज करके आपको सताना है,
मौसम भी दिवाना है,
2-4 मेसेज आप भी कर दो,
क्या..
बैलेंस बचा के, नया स्वेटर लाना है...
मुझे मत ढूंढो इस जहां की तन्हाई में,
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ठंड बहुत है में तो हूँ अपनी रज़ाई में...
हर सफलता पर आपका नाम हो,
आपके हर फैलसे पर कामयाबी का मुकाम हो,
ठंड आ गयी है ध्यान रखना,
मैं नहीं चाहता आपको सर्दी और जुखाम हो...
पॉपकॉर्न की खुसबू, मूंगफली की बहार,
ठंडी का मौसम आ गया है यार,
थोड़ी सी मस्ती, थोड़ा सा प्यार,
मफलर स्वेटर रखो धोकर तैयार,
---Happy Winter Season---