Teachers Shayari 2

अज्ञानता को दूर करके ज्ञान की ज्योत जलाई है,
गुरुवार के चरणों में रहकर हमने शिक्षा पाई है,
गलत राह पर भटके जब हम,
तो गुरुवार ने राह दिखाई है..
ले गए आप इस स्कूल को उस मुकाम पर,
गर्व से उठते हैं हमारे सर, हम रहे ना रहें अब कल,
याद आएँगे आपके साथ बिताए हुए पल,
टीचर, आपकी ज़रूरत रहेगी हमें हर पल...
जीवन के हर अंधेरे में रौशनी दिखाते हैं आप,
बंद हो जाते हैं जब सारे दरवाज़े,
नया रास्ता दिखाते हैं आप, सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं,
जीवन जीना सिखाते हैं आप...
माता गुरु है, पिता भी गुरु है,
विद्यालय के अध्यापक भी गुरु हैं,
जिससे भी सिखा है हमने,
हमारे लिए हर वो शक्स गुरु है...
गुरु तेरे उपकार का, कैसे चुकाऊं मैं मोल,
लाख कीमती धन भला, गुरु हैं मेरे अनमोल..