Teachers Shayari 1

गुरु का महत्व कभी होगा ना कम,
भले कर ले कितनी भी उन्नति हम,
वैसे तो है इंटरनेट पे हर प्रकार का ज्ञान,
पर अच्छे बुरे की नहीं है उसे पहचान...
आपने बनाया है मुझे इस लायक,
की हासिल करूँ मैं अपना लक्ष्य,
दिया है हर समय आपने सहारा,
जब भी लगा मुझे की मैं हारा...
दिया ज्ञान का भंडार मुझे,
किया भविष्य के लिए तैयार मुझे,
जो किया आपने उस उपकार के लिए,
नहीं शब्द मेरे पास आभार के लिए...
सुन्दर सुर सजाने को साज बनाते हैं,
नौसिखिये परिंदों को बाज बनाते हैं,

चुपचाप सुनते हैं शिकायतें सबकी,
तब दुनिया बदलने की आवाज़ बनाते हैं,

समंदर तो परखता है हौसले कश्तियों के,
और वो डूबती कश्तियों को जहाज़ बनाते हैं,

बनाए चाहे चाँद पे कोई बुर्ज-ए-खलीफा,
अरे..! वो तो कच्ची ईंटो से ही ताज बनाते हैं...
सही क्या है गलत क्या है, ये सबक पढ़ाते हैं आप,
झूठ क्या है और सच क्या है,
ये बात समझाते हैं आप, जब सूझता नहीं कुछ भी,
राहों को सरल बनाते हैं आप...
आपसे ही सिखा, आपसे ही जाना,
आप ही को हमने गुरु है माना,
सिखा है सब कुछ आपसे हमने,
कलम का मतलब आपसे है जाना...
गुरूदेव के श्री चरणों में श्रद्धा सुमन संग वंदन,
जिनके कृपा नीर से जीवन हुआ चंदन,
धरती कहती अंबर कहते कहती यही तराना,
गुरू आप ही पावन नूर हैं जिनसे रौशन हुआ जमाना...
नहीं हैं शब्द कैसे करूँ धन्यवाद,
बस चाहिए हर पल आप सबका आशीर्वाद,
हूँ जहाँ आज मैं उसमे है बड़ा योगदान,
आप सबका, जिन्होंने दिया मुझे इतना ज्ञान...
बुद्धिमान को बुद्धि देते और अज्ञानी को ज्ञान,
शिक्षा से ही बन सकता है मेरा देश महान..
गुमनामी के अंधेरे में था, एक पहचान बना दिया,
दुनिया के ग़म से मुझे, उन्होंने अनजान बना दिया,
उनकी ऐसी कृपा हुई कि गुरु जी ने मुझे,
एक अच्छा इंसान बना दिया...