Sapne Shayari 3

याद वो आते हैं जो अपने होते हैं,
याद नहीं रहते जो सपने होते हैं,
अपने और सपने में एक फर्क है,
सपने साथ होते हैं जब दूर अपने होते हैं...
किस्मत रूठ गई दिल के तार टूट गए,
वो भी रूठ गए सपने भी टूट गए,
खजाने में थे सिर्फ दो आंसू,
जब याद आपकी आई तो वो भी लुट गए...
कल गुजरे हुए लम्हों से मुलाक़ात हो गई,
कुछ टूटे हुए सपनों से बात हो गई,
याद आ गए फिर से कुछ किस्से पुराने,
और आँखों से बे-मौसम बरसात हो गई...
गए जो तुम छोड़ के हमें अश्क ही सूख गए,
बुने थे सतरंगी सपने जो एक पल में ही टूट गए,
आए ना फिर कभी वो पल जो हमको रुला सकें,
तेरी यादों के साए में हम खुद को ही भूल गए...
गए जो तुम छोड़ के हमें अश्क ही सूख गए,
बुने थे सतरंगी सपने जो एक पल में ही टूट गए,
आए ना फिर कभी वो पल जो हमको रुला सकें,
तेरी यादों के साए में हम खुद को ही भूल गए...
सपनों की दुनिया सजा के तो देखो,
मोहब्बत के दीपक को जला के तो देखो,
तुमको हो ना जाए मोहब्बत तो कहना,
जरा हमसे नज़रे मिला के तो देखो...
कभी-कभी सपने चोरी हो जाते हैं,
हालात से लोग दूर हो जाते हैं,
पर कुछ यादें इतनी अच्छी होती हैं कि,
उन्हें याद करने को हम मजबूर हो जाते हैं...
खुदा से बढ़कर तुम्हें देखा,
कि जब तुम्हें देखा तो फिर खुदा को ना देखा,

चाहत भी तुम हो, मेरा सपना भी तुम हो,
सपने में ही जीते रहे की होश में आकर नहीं देखा,

देल में महकने वाली खुसबू हो तुम,
पर क्या करें कभी तुम्हें छूकर नहीं देखा...
इश्क का नाम दिया है ज़िन्दगी को हमने,

कोई काँटो से कोई फूलों से गुज़र जाता है,
सफ़र का नाम दिया है ज़िन्दगी को हमने,
गम सह कर भी इंसान के मुस्कुराने की अदा,
ख़ुशी का नाम दिया है ज़िन्दगी को हमने,
महबूब को खुदा मान कर उसकी इबादत करना,
वफ़ा का नाम दिया है ज़िन्दगी को हमने,
चाँद तारों को चुराने की ख्वाहिश है दिल में,

सपनों का नाम दिया है ज़िन्दगी को हमने...
कोई ऐसा दिल हो मेरी आरज़ू करे,
खो जाऊं अगर कहीं तो मेरी जुस्तजू करे,
मैं उसके ज़हन-ओ-दिल में कुछ इस तरह समाऊं,
वो जुबां जब भी खोले मेरी गुफ्तगू करे...