Romantic Shayari 6

मुझे लेते हो जब अपनी मोहब्बत की पनाहों में,
ये जादू कैसा तुम करते हो खिची आती मैं बाहों में,

ये धड़कन तेज क्यों होती हैं ये सांसे क्यों उखड़ती हैं,
मुझे जब देखते हो तुम निगाहों ही निगाहों में...
तुम्हारी हंसी से चाँद भी शर्मा गया,
तुम्हारी खुशबू से फूल भी झुक गया,
किस जहाँ से आए हो तुम,
जो देखते ही मुझे तुम पे प्यार आ आ गया...
मुद्दत से दूर थे हम, आप मिले अच्छा लगा,
सागर से गहरी लगी आपकी मोहब्बत,
तैरना तो आता था, पर डूबना अच्छा लगा....
कभी लफ्ज़ भूल जाऊं, कभी बात भूल जाऊं,
तुझे इस क़दर चाहूं, अपनी ज़ात भूल जाऊं,
उठकर कभी जो तेरे पास से चल दूं,
तो जाते हुए खुद को, तेरे पास भूल जाऊं...
ए बारिश ज़रा थम के बरस,
जब मेरा यार आ जाए तो जम के बरस,
पहले ना बरस की वो आ ना सके,
फिर इतना बरस की वो जा ना सके...
एक तमन्ना थी जो हसरत बन गई,
कभी दोस्ती थी अब मोहब्बत बन गई,
कुछ इस तरह शामिल हुए तुम ज़िन्दगी मैं की,
तुम्हें सोचते रहना मेरी आदत बन गई...
काश ऐसा हो की तुमको तुमसे चुरा लूँ,
वक़्त को रोककर वक़्त से एक दिन चुरा लूँ,
तुम पास हो तो इस रात से एक रात चुरा लूँ,
तुम साथ हो तो इस जहाँ से ये जहाँ चुरा लूँ...
खोई आँखों में सपना सजा लिया,
आरज़ू में आपकी चाहत को बसा लिया,
धड़कन भी ना रही जरुरी हमारे लिए,
जब से दिल में आपको बसा लिया...
मुस्कान हो तुम इस हाथों की,
धड़कन हो तुम इस दिल की,
हंसी हो तुम इस चेहरे की,
जान हो तुम इस रूह की...
शान से प्यार का इज़हार करेंगे,
तेरी मोहब्बत पे जान भी निसार करेंगे,
देख के जलेगी ये दुनिया सारी,
इस कदर तुझ पे ऐतबार करेंगे...