Romantic Shayari 5

अपनी निगाहों से ना देख खुदको,
हीरा भी तुझे पत्थर लगेगा,
सब कहते होंगे चाँद का टुकड़ा है तू,
मेरी नज़र से देख चाँद तेरा टुकड़ा लगेगा...
मुझको फिर वही सुहाना नज़ारा मिल गया,
नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया,
और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ,
जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया...
छुपा लूं इस तरह तुम्हें अपनी बाहों में,
कि हवा भी गुज़रने की इजाज़त मांगे,
हो जाऊं इतना मदहोश तेरे इश्क में,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे...
फिजाओं का मौसम जाने के बाद बहारों का मौसम आया,
गुलाब से गुलाब का रंग तेरे गालों पर आया,
तेरे नैनों ने काली घटा का जब काजल लगाया,
जवानी जो तुम पर आई तो नशा मेरी आँखों में आया...
दिल की नाज़ुक धड़कनों को,
मेरे सनम तुम्हें धड़कना सिखा दिया,
जबसे मिला है तेरा प्यार दिल को,
गम ने भी मुस्कुराना सिखा दिया...
मेरे वजूद में काश तू उतर जाए,
में देखूं आईना और तू नज़र आए,
तू हो सामने और वक्त ठेहर जाए,
ये जिंदगी तुझे यूँही देखते हुए गुज़र जाए...
दुनिया के कई अजीब रंग हैं,
इन रंगों में रंग जाना है,
प्यार हर किसी से हम करेंगे.. मगर..!
किसी एक की आंखों में खो जाना है...
हर कोई तुमसा ख़ास नहीं होता,
जो ख़ास होता है वो कभी पास नहीं होता,
यकीन ना आये तो चाँद को ही देखो,
जिसके दूर होते हुए भी दूरी का एहसास नहीं होता...
दिल पर ना मेरे यूँ वार कीजिए,
छोड़ो ये नफरत थोड़ा प्यार कीजिए,
तड़पते हैं जिस कदर तुम्हारे प्यार में हम,
कभी खुद को भी उस कदर बेकरार कीजिए...
कल तक जो फूल थे इन नजरों में,
आज वो फूल हैं मेरे बागों में,

कल तक जो खुसबू थी इन हवाओं में,
आज वो खुसबू है मेरी साँसों में,

कल तक जो लड़की थी मेरे ख्वाबों में,
आज वो लड़की है मेरी बाहों में...