Romantic Shayari 4

मेरी चाहतें तुमसे अलग कब हैं,
दिल की बातें तुमसे छुपी कब हैं,
तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह,
फिर ज़िन्दगी को साँसों की जारूरत कब है...
ये दिल का रोग लेकर कहाँ जायें हम,
खुदा करे तेरे कदमों में मर जायें हम,
लेकर नाम तेरा मैं अपने लबो से,
अपनी मोहब्बत को फन्ना कर जायें हम...
जागती आँखों से एक ख्वाब बुना है मैंने,
हज़ार चेहरों में तुमको चुना है मैंने,
तुम्हारी खुशबू से महक जाती हैं साँसों के गुलाब,
तुम्हारे बारे में हवाओं से सुना है मैंने...
तेरी याद में बहुत पैगाम लिखते हैं,
तेरी याद में गुजरी वो शाम लिखते हैं,
वो कलम भी तेरी दिवानी हो जाती है,
जिससे तेरा नाम लिखते हैं...
इतनी मोहब्बत न कर की बिखर जाऊ मैं,
थोड़ा रूठा भी कर की सुधर जाऊ मैं,
अगर हो जाये खता तो हो जाना खफा पर,
इतना भी नहीं की मर जाऊ मैं...
तेरी साँसों की खुसबू से मदहोश होने लगा,
तेरी चाहत में अब मशहूर होने लगा,
आ तुम्हें अपनी बाहों में छुपा लूँ,
क्यूंकि तेरी एक पल जुदाई भी,
मेरे दिल को ना मंजूर होने लगा...
तेरी साँसों की खुसबू से मदहोश होने लगा,
तेरी चाहत में अब मशहूर होने लगा,
आ तुम्हें अपनी बाहों में छुपा लूँ,
क्यूंकि तेरी एक पल जुदाई भी,
मेरे दिल को ना मंजूर होने लगा...
बिन आपके ज़िन्दगी में कोई खुशी नहीं,
आप नहीं तो लबों पे मेरे हँसी नहीं,
ना समझे अगर आप तो हम क्या करें,
इस दिल में आपके सिवा किसी और के लिए जगह नहीं...
हर चीज़ खुबसूरत हो जाती है,
हर लम्हें में उसकी ज़रुरत हो जाती है,
चैन खो जाता हर पल का दोस्तों,
जब इस दिल को किसी से मोहब्बत हो जाती है...
दीवानों जैसी हालत है मेरी,
बस तुम्हें देखूँ ये चाहत है मेरी,
ना जाना हमें कभी छोड़कर,
यही बस खुदा से आरज़ू है मेरी...