Romantic Shayari 3

नफ़रत भी है तुमसे मोहब्बत भी है तुमसे,
पर मेरी मोहब्बत नफ़रत पे हावी हो जाती है,
तुमसे दूर जाने की मेरी हर मुकम्मल कोशिश,
मुझे जाने क्यों तेरे और करीब ले आती है...
सीने से लगाने की इजाज़त दे दो,
बिखरी जुल्फें सुलझाने की इजाज़त दे दो,
बहुत दिन हुए तुमको मेरे करीब आए,
गले से लगा लो इन होठों को मुस्कुराने की इजाज़त दे दो...
मेरा दिल धड़कता है सिर्फ तुम्हारे लिए,
मेरा दिल तड़फता है सिर्फ तुम्हारे लिए,
ना जाने मैं क्यो डरता हूँ आपसे,
अपने प्यार का इज़हार करने के लिए...
हर खामोशी को इकरार नहीं कहते,
हर नाकामी को हार नहीं कहते,
क्या हुआ अगर हम आपके नहीं हो सकते,
सिर्फ पा लेने को प्यार नहीं कहते...
आज दिल पूंछ बैठा अपनी ही तस्वीर से,
तूने क्या पाया है अपनी तकदीर से,
आपकी तस्वीर दिल को दिखाई,
और कहा ऐसा प्यार पाया है,
दुनिया की इस भीड़ में...
लाख भुला के देखो हम दिल से याद आयेंगे,
होंगे आपके बहुत.. हम अलग नज़र आयेंगे,
तुम पानी पी-पी कर थक जाना,
हम हिचकियाँ बन-बन के सतायेंगे...
दो बातें उनसे की तो दिल का दर्द खो गया,
लोगों ने हमसे पूछा की तुमको क्या हो गया,
बेकरार आँखों से हँस कर रह गए,
ये भी न कह सके हमें प्यार हो गया...
तुझसे रूबरू होकर बातें करूँ,
निगाहें मिलाकर वफ़ा के वादे करूँ,
थाम कर तेरा हाथ बैठ जाऊं तेरे सामने,
तेरी हसीन सूरत के नज़ारे करूँ...
तेरी यादों ने इस कदर तड़पाया है,
कि मिलने की चाहत ने इस कदर रुलाया है,
दिल से तुम्हारा नाम कभी मिटा नहीं पाउँगा,
इस कदर तू मेरे दिल में समाया है...
प्यासे को चार बूँद पानी ही काफी है,
इश्क में चार दिन की जिंदगानी ही काफी है,
मरना हो तो समंदर में क्यूँ जाना,
तुम्हारी पलकों से टपकता हुआ एक आँसू ही काफी है...