Romantic Shayari 14

आज मोहब्बत से यारों मुलाकात हो गई,
मेरी दिल की बातों में वो खो गई,
जब पूछा मैंने की आती है याद मेरी,
तो खामोश होकर मेरी बाहों में सो गई...
खुशबू बिखरती हुई गुलाब की कली हो,
तितली सी उड़ती हुई नाज़ो से पली हो,
संगमरमरी बदन लिए साँचो में ढली हो,
कितनों को लूट लिया तुम वो मनचली हो...
जिस तरह रंगों में खून रहता है,
उसी तरह मुझे तेरी चाहत का जुनून रहता है,
ज़िन्दगी की हर ख़ुशी मंसूब है तुमसे,
बात हो तुमसे तो दिल को सुकून रहता है...
फूल हूँ मैं, मेरी खुशबू तुम हो,
दिल हूँ मैं, मेरी धड़कन तुम हो,
जान हूँ मैं, और मेरी रूह तुम हो,
जिस्म हूँ मैं, और मेरी ज़िन्दगी तुम हो...
ना आप कुछ कहना ना हम कुछ कहेंगे,
आप भी चुप रहना हम भी चुप रहेंगे,
हर बात का एहसास हो जाएगा सनम,
जब हमारे होंठ आपके होठों से मिलेंगे...
सिर्फ नज़र से जलाते हो आग चाहत की,
जलाकर क्यों बुझाते हो आग चाहत की,

सर्द रातों में भी तपन का एहसास रहे,
हवा देकर बढ़ाते हो आग चाहत की,

आपकी नज़रों में मेरे प्यार का ठिकाना,
हमसे क्यों छिपाते हो आग चाहत की,

फूलों से लिपटकर बिखर जाओ मुझ पर,
अरमानों से लुटाते हो आग चाहत की...
कैसे बताएं अब तुम्हें,
कितने ख़ास हो तुम,

जितना मेरा दिल मेरे पास है,
उतना मेरे दिल के पास हो तुम,

जिस प्यार से बदल गई ज़िन्दगी मेरी,
उस प्यार का एहसास हो तुम...
थम जाए वक़्त थम जाए लम्हा,
और तू लग जाए मेरे सीने से,
जीना है तो बस तेरे साथ,
क्या मतलब बिन तेरे जीने से...
तुम मेरी रूह में उतर जाओ ऐसा कुछ हो,
जहाँ देखूं तुम नज़र आओ एशिया कुछ हो,
हम दो ही हों इस जहाँ में,
और मोहब्बत हद से गुज़र जाए ऐसा कुछ हो...
जैसे किसी फूल की खुशबू जैसा है,
तेरी मोहब्बत का एहसास कुछ ऐसा है,

कभी तनहा नहीं समझते खुद को हम,
क्योंकि तुम्हारा साथ मेरे साथ कुछ ऐसा है,

कहते हैं सब क्यों इतने दीवाने हो उसके,
अब कैसे बताएं उन्हें दीवाना करने वाला हमारा प्यार ही ऐसा है...