Risten Shayari 6

रिश्ते कांच की तरह होते हैं, टूटने पर चुभते हैं,
हथेली पर संभाल कर रखना इन्हें,
क्योंकि ये टूटने में एक पल,
और जुड़ने में बरसों लगते हैं..
रिश्ते पंछियों की तरह होते हैं,
अगर ज़ोर से पकड़ो तो घायल हो सकते हैं,
अगर धीरे से पकड़ो तो उड़ सकते हैं,
लेकिन अगर प्यार से पकड़ो तो हमेशा साथ रहते हैं...
बिना कहे जो सब कुछ कह जाते हैं,
बिना कसूर जो सब कुछ सह जाते हैं,
दूर रहकर भी जो अपना फ़र्ज़ निभाते हैं,
वही रिश्ते तो अपने कहलाते हैं...
हमने जो बनाए रिश्ते कैसे हो गए,
कभी आपके दोस्त थे, अब ऐसे वैसे हो गए,
अगर अभी आपने 'SMS' ना भेजे,
समझेंगे दोस्त से प्यारे पैसे हो गए...
मेहनत लगती है सपनों को सच बनाने में,
हौसला लगता है बुलन्दियों को पाने में,
बरसों लगते हैं ज़िन्दगी बनाने में,
और ज़िन्दगी फिर भी कम पड़ती है रिश्ते निभाने में...
हम किसी से कुछ मांगने नहीं जाते हैं,
लोग फिर भी हमको लूटने आ जाते हैं,

जब भी उनको काम निकालना होता है,
वो हमको अपने घर खाने पर बुलाते हैं,

अगर मैं किसी काम के लिए ना कहता हूँ,
वो अगले ही पल मेरे दुश्मन बन जाते हैं,

बिना मतलब के होते हैं जो रिश्ते नाते,
हमने पाया की वही रिश्ते टिक पाते हैं...
हाथ छूटे तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते,
वक्त की शाख से लम्हें नहीं तोड़ा करते,

जिसकी आवाज़ में सिलवटें हो निगाहों में शिकन,
ऐसी तस्वीर के टुकड़े नहीं जोड़ा करते,

शहद जीने का मिला करता है थोड़ा थोड़ा,
जाने वालों के लिए दिल नहीं थोड़ा करते,

लग के साहिल से जो बहता है उसे बहने दो,
ऐसे दरिया का कभी रुख नहीं मोड़ा करते...