Risten Shayari 5

फूलों की याद आती है काँटों को छूने पर,
रिश्तों की समझ आती है फासलों के रहने पर,
कुछ जज़्बात ऐसे भी होते हैं जो आँखों में पढ़े नहीं जाते,
वो तो नज़र आते हैं जुबान से कहने पर...
दूरियों से रिश्ते नहीं छुटा करते,
वक़्त की शाख से लम्हें नहीं टुटा करते,
मिलते हैं कुछ लोग ऐसे ज़िन्दगी में,
जिनसे कभी नाते नहीं टूटा करते...
क्या हैं ये रिश्तें, एक धोका ही तो है,
नादान दिल को बहलाने का एक, समझौता ही तो है,
रिश्ते के नाम पे, रोज़ दिल टूटते हैं यहाँ,
कहने को प्यार है पर, गहरा ज़ख्म ही तो है...
कोई टूटे तो सजाना सीखो,
कोई रूठे तो मनाना सीखो,
रिश्ते तो बनते हैं मुक्कदर से दोस्तों,
इसलिए उन्हें खूबसूरती से निभाना सीखो...
दिल के रिश्ते का कोई नाम नहीं होता,
माना की इसको कोई अंजाम नहीं होता,
अगर निभाने की चाहत हो दोनों तरफ,
तो उम्र भर कोई रिश्ता नाकाम नहीं होता...
ऐ खुदा मेरे रिश्ते में कुछ ऐसी बात हो,
मैं सोचूं उसको और वो मेरे पास हो,
मेरी सारी ख़ुशी मिल जाए उसको,
एक लम्हें को भी अगर वो उदास हो...
ऐ-खुदा मेरे रिश्ते में कुछ ऐसी बात हो,
मैं सोचू उसको और वो मेरे पास हो,
मेरी सारी ख़ुशी मिल जाएं उसको,
एक लम्हें को भी अगर वो उदास हो...
जो दिल के करीब हो उसे रुसवा नहीं करते,
यूँ अपनी मोहब्बत का तमाशा नहीं करते,
खामोश रहेंगे तो घुटन और बढ़ेगी,
अपनों से कोई बात छुपाया नहीं करते...
मैं अपने रिश्ते को क्या नाम दूँ,
ये नाम दूँ या वो नाम दूँ,
इस दुनिया की भीड़ में नाम हो जाते हैं बदनाम,
क्यों ना अपने रिश्ते को बेनाम ही रहने दूँ...
बनके सितारा जगमगाते रहना,
हर ख़ुशी अपने होंठों पे सजाते रहना,
किसी रिश्ते के लिए दो कदम जरुरी होते हैं,
एक याद करते रहना और एक याद आते रहना...