Risten Shayari 4

रिश्ते चाहे कितने भी बुरे हों,
लेकिन कभी भी उन्हें मत तोड़ना,
क्योंकि पानी चाहे कितना भी गन्दा हो,
प्यास नहीं तो आग तो बुझा ही देता है...
रिश्तों की ही दुनिया में अक्सर ऐसा होता है,
दिल से इन्हें निभाने वाला ही रोता है,
झुकना पड़े तो झुक जाना अपनों के लिए,
क्योंकि हर रिश्ता एक नाज़ुक समझौता होता है...
टूट जाते हैं सब रिश्ते मगर,
दिल से दिल का रिश्ता अपनी जगह रहता है,
दिल को है तुझसे ना मिलने का यकीन,
पर तुझसे मिलने की तमन्ना दिल हर पल चाहता है...
इस दुनियाँ में कोई किसी का नहीं होता,
लाख निभाओ रिश्ता कोई अपना नहीं होता,
गलत फ़हमी रहती है थोड़े दिन,
फिर आँखों में आंसुओं के सिवा कुछ नहीं होता...
रिश्तों का विश्वास टूट ना जाए,
दोस्ती का साथ कभी छुट ना जाए,
ऐ खुदा गलती करने से पहले संभाल लेना मुझे,
कहीं मेरी गलती से मेरा कोई रूठ ना जाए...
दूरियों से फर्क नहीं पड़ता है,
बात तो दिलों की नजदीकियों से होती है,
दिल के रिश्ते तो किस्मत से बनते हैं जनाब,
वरना मुलाक़ात तो जाने कितनो से होती है...
हर पल के रिश्ते का वादा है तुमसे,
अपनापन कुछ इतना ज्यादा है तुमसे,
कभी ना सोचना की भूल जाएंगे तुम्हें,
ज़िन्दगी भर साथ देंगे ये वादा है तुमसे...
फूलों की याद आती है काँटों को छूने पर,
रिश्तों की समझ आती है फासलों पे रहने पर,
कुछ जज़्बात ऐसे भी होते हैं जो आँखों से पढ़े नहीं जाते,
वो तो नज़र आते हैं जुबान से कहने पर...
तक़दीर के रंग कितने अजीब हैं,
अनजाने रिश्ते हैं फिर भी करीब हैं,
हर किसी को दोस्त आपके जैसा नहीं मिलता,
आप मिले मुझे ये मेरा नसीब है...
कोई रिश्ता नया या पुराना नहीं होता,
ज़िन्दगी का हर पल सुहाना नहीं होता,
जुदा होना तो किस्मत की बात है,
पर जुदाई का मतलब भुलाना नहीं होता...