Risten Shayari 2

तेरी याद से रिश्ता का भी था, तेरी याद से रिश्ता आज भी है,
दिल अपना दुखता कल भी था, दिल ये उदास आज भी है,

जो प्यार हम तुम करते थे, वो प्यार तो जिंदा आज भी है,
हम बिछड़ गए इस दूरी में, तुम दूर हो मजबूरी में,

कभी वक़्त मिले तो चली आना, खुला दिल का दरवाज़ा आज भी है,
ना सताओ, ना तड़पाओ, न महफ़िल में यूँ तनहा छोड़ो,

तेरी याद में जागे भी थे, तेरी याद में जागे आज भी हैं,
तेरी याद से रिश्ता आज भी है...
ऐ खुदा मेरे रिश्ते में कुछ ऐसी बात हो,
मैं सोचूं उसको और वो मेरे पास हो,
मेरी सारी खुशियाँ मिल जाएँ उसको,
एक लम्हें के लिए भी अगर वो उदास हो...
कोशिश करो की कोई तुमसे ना रूठे,
ज़िन्दगी में अपनों का साथ ना छूटे,
रिश्ता कोइ भी हो उसे ऐसे निभाओ,
की उस रिश्ते की डोर ज़िन्दगी भर ना टूटे...
वो रिश्ता क्या जिसको निभाना पड़े,
वो प्यार क्या जिसको जताना पड़े,
प्यार तो एक खामोश एहसास है,
वो एहसास क्या जिसको लफ़्ज़ों में बताना पड़े...
प्यार के रिश्ते की हो गई है शुरूआत,
दिल की दिल से हो गई है पहली मुलाकात,
आँखों से झलके हैं दिल के ज़ज्बात,
प्यार बढ़ेगा हर पल, चाहे जैसे भी हों हालात...
जिसमें याद ना आए वो तन्हाई किस काम की,
बिगड़े रिश्ते ना बने तो खुदाई किस काम की,
बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है,
पर जहाँ से अपने ना दिखें वो उँचाई किस काम की...
बड़े अनमोल हैं ये खून के रिश्ते,
इनको तू बेकार ना कर,
मेरा हिस्सा भी तू ले ले मेरे भाई,
घर के आँगन में दीवार ना कर...
कहते हैं रिश्तें नशा बन जाते हैं,
कोई कहता है रिश्ते सज़ा बन जाते हैं,
पर रिश्ते निभाओ अगर सच्चे दिल से,
तो ये रिश्ते ही जीने की वजह बन जाते हैं...
करीब इतना रहो की रिश्तों में प्यार रहे,
दूर भी इतना रहो की आने का इंतजार रहे,
रखो उम्मीद रिश्तों के दरमियान इतनी,
की टूट जाये उम्मीद मगर रिश्ते बरकरार रहें...
खामोश चेहरे पर हजारों पहरे होते हैं,
हंसती आँखों में भी ज़ख्म गहरे होते हैं,
जिनसे अक्सर रूठ जाते हैं हम,
असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते हैं....