Shayari

दुश्मनी के लिए ये याद नहीं रहता,
वतन मेरा दोस्ती पर कुर्बान है,
नफरत पाले कोई उड़ान नहीं भरता,
दिलों में चाहत ही मेरे वतन की शान है...