Shayari

बुझने लगी हो आंखे तेरी, चाहे थमती हो रफ्तार,
उखड़ रही हो सांसे तेरी, दिल करता हो चित्कार,
दोष विधाता को ना देना, मन में रखना तू ये आस,
"रण विजयी" बनता वही, जिसके पास हो "आत्मविश्वास..."