Patriotic Shayari 1

तैरना है तो समंदर में तैरो,
नदी नालों में क्या रखा है,
प्यार करना है तो वतन से करो,
इन बेवफा लोगों में क्या रखा है...
तिरंगा हमारा है शान-ए-जिंदगी,
वतन परस्ती है वफ़ा-ए-ज़मी,
देश के लिए मर मिटना कुबूल है हमें,
अखंड भारत के स्वपन का जूनून है हमें...
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे,
सहिदों की कुरबानी बदनाम नहीं होने देंगे,
बची हो जो एक बूंद भी गरम लहू की,
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे...
हवाओं सा लहरना है तो,
फैसले का इंतज़ार मत कर,
वतन की आबरू सलामत रहे,
तु अपनी परवाह मत कर...
ना मरो सनम बेवफाई के लिए,
दो गज जमीन नहीं मिलेगी दफ़न होने के लिए,
मरना है तो मरो वतन के लिए,
हसीना भी दुपट्टा उतार देगी तेरे कफ़न के लिए...
बुझने लगी हो आंखे तेरी, चाहे थमती हो रफ्तार,
उखड़ रही हो सांसे तेरी, दिल करता हो चित्कार,
दोष विधाता को ना देना, मन में रखना तू ये आस,
"रण विजयी" बनता वही, जिसके पास हो "आत्मविश्वास..."
अजम-ऐ-बफा मेरे वतन के साथ,
मेरी खुशियाँ मेरे वतन के साथ,
मेरा खून-पसीना वतन के नाम,
ये ज़ज्बा मेरे ख़्वाबों के साथ...
आओ झुककर सलाम करें उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होते हैं वो लोग,
जिनका लहू इस देश के काम आता है...
कीमत करो शहीदों की,
वो देश पर कुर्बान हुए,
सिर्फ दो दिनों की मोहताज नहीं है देश भक्ति,
नागरिकों की एकता ही है देश की असल शक्ति...
खुशनसीब होते हैं वो लोग जो इस देश पे कुरबान होते हैं,
जान देके भी वो लोग करते हैं सलाम उन देश प्रेमियों को,
जिनके कारण इस तिरंगे का मान होता है...