Motivational Shayari 1

ज़िन्दगी हर कदम पर एक नया मुकाम देती है,
मुसीबत में गिर कर संभलना फिर हौसलों का इम्तिहान लेती है,
जो भवर को चिर कर निकलते हैं,
ये दुनियाँ फिर उनको सलाम करती है...
इन नफरत की दीवारों को तोड़ेगा कौन,
अगर दिग्गज नहीं करेंगे, तो पहल करेगा कौन,
इस दुनिया में बहुत रास्ते हैं चलने के लिए,
अगर आज़ादी से पहले मरना पड़ता है,
अगर तू मरने से डर गया तो तुझे आज़ाद करवाएगा कौन...
ज़िन्दगी काटने से बेहतर है ज़िन्दगी जीना सीखो,
ज़िन्दगी ज़ीनी है तो मेरा यह पैगाम लिखो,
दुनिया तुम्हारे क़दमों में होगी,
बस मेरे दोस्तों सिकंदर की तरह सोचना सीखो...
जो सफ़र इख़्तियार करते हैं,
वही मंजिलों को पार करते हैं,
बस एक बार चलने का हौसला रखो मेरे दोस्त,
ऐसे मुसाफिरों के तो रास्ते भी इंतज़ार करते हैं...
पर्वतों को काट के राह बनाने का दम रखते हैं हम,
गिर के तूफानों से उन्हें मज़ा चखाने का दम रखते हैं हम,
ये तो तरस आ जाता है आसमान की खामोशी को देखकर,
वरना उसका भी सीना चीरकर, रौशनी फैलाने का दम रखते हैं हम...
अपनी ज़मीन अपना आकाश पैदा कर,
अपने कर्मों से नया इतिहास पैदा कर,
मांगने से मंज़िल नहीं मिलती ए-दोस्त,
अपने हर कदम पे नया विश्वास पैदा कर...
ना हारना है तुझको, हरा कर दिखाना है,
चाहे जितना भी हो मुश्किल, मंज़िल पाकर दिखाना है,
पर्वत आए या आए कोई तूफ़ान, टस से मस ना होना है,
हर हार को अपनी ताकत से, जीत कर दिखाना है...
चलो दुश्मन से मुलाकात करें,
नया साल आया है नई बात करें,

मज़हब के नाम पे क्यों दंगे-फसाद?
यही सवालात आज हर शक्स से करें,

ना रहे कोई भी भूखा प्यासा,
मिलकर जमाने के ऐसे हालात करें,

जो करे अत्याचार बेगुनाहों पर,
ढूँढकर उनको चलो हवालात करें,

गुज़ारिश है जमाने से रोज़ यही,
मुल्क में अमन की बरसात करें...
ना पूछो की मेरी मंज़िल कहाँ है,
अभी तो सफ़र का इरादा किया है,
ना हारुँगा हौसला उम्र भर,
ये मैंने किसी से नहीं खुद से वादा किया है...
भगवान का दिया कभी 'अल्प' नहीं होता,
जो बीच में टूट जाए वो 'संकल्प' नहीं होता,
हार को लक्ष्य से दूर ही रखना,
क्योंकि जीत का कोई 'विकल्प' नहीं होता...