Love Shayari 5

उतर के देख मेरी चाहत की गहराई में,
सोचना मेरे बारे मैं रात की तन्हाई में,
अगर हो जाए मेरी चाहत का एहसास तुम्हें,
तो मिलेगा मेरा अक्स तुम्हें अपनी परछाई में...
तेरी नफरत में वो दम नहीं,
जो मेरी चाहत को मिटा दे ए सनम,
ये मोहब्बत है कोई खेल नहीं,
जो आज हँसके खेला और कल रोके भुला दें...
वो इंकार करते हैं इकरार के लिए,
नफरत भी करते हैं तो प्यार के लिए,
उलटी चाल चलते हैं ये इश्क करने वाले,
आँखें बंद करते हैं दीदार के लिए...
ना जाने किस शख्स का इंतज़ार हमें आज भी है,
सुकून तो बहुत है पर दिल बेकरार आज भी है,
तुमने हमें नफरतों के सिवा कुछ नहीं दिया लेकिन,
हमें तुम्हारी नफरतों से प्यार आज भी है...
अपने हाथों से यूँ चेहरे को छुपाते क्यों हो,
मुझसे शर्माते हो तो सामने आते क्यों हो,
तुम कभी मेरी तरह कर भी लो इकरार-ए-वफ़ा,
प्यार करते हो तो फिर प्यार छुपाते क्यों हो...
प्यार में मौत से डरता कौन है,
प्यार हो जाता है करता कौन है,
हम तो कर दें प्यार में जान भी कुरबान,
लेकिन पता तो चले कि..
हमसे प्यार करता कौन है...
जब आपका नाम जुबान पर आता है,
पता नहीं दिल क्यूँ मुस्कुराता है,
तसल्ली होती है मन को कोई तो है अपना,
जो हँसते हुए हर वक्त याद आता है...
साथ देने का वादा किया है,
शिकवे सहने का वादा किया है,
अगर भुला भी देंगे आप हमें तो कुछ ना कहेंगे,
हमने तो आपको खुशी देने का वादा किया है...
तारों में खोया है जहां सारा,
लगता है प्यारा एक-एक तारा,
उन तारों में सुबसे प्यारा है एक सितारा,
जो इस वक्त पढ़ रहा है शेर हमारा...
आज कह दिया फिर ना कहना,
कभी मेरी नज़रों से दूर ना रहना,
कभी खुशी बनकर लब्जों पे आये हो,
तुम अश्क बनकर आँखों से ना बहना...