Love Shayari 18

दिल की किताब में गुलाब उनका था,
रात की नींदों में ख्वाब उनका था,
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा,
मर जाएंगे तुम्हारे बिना यह जवाब उनका था...
उनकी निगाहें क्या कमाल करती हैं,
कभी हकीक़त तो कभी अफ़साने बयाँ करती हैं,
थम सी जाती हैं उस पल धड़कने,
जब उनकी झुकी पलकें मोहब्बत का इज़हार करती हैं...
उनकी जहाँ से निराली है अदा,
अंदाज़ उनके हैं यारों सबसे जुदा,
खफा हो जाएं तो कातिल से कम नहीं,
महरबान हो जाएं तो लगने लगते हैं खुदा...
कभी दिल की कमजोरी बनके रह जाती है,
कभी वक़्त की मजबूरी बनके रह जाती है,
ये मोहब्बत वो शराब है ऐ दोस्त,
जिसे जितना पियो प्यास अधूरी ही रह जाती है...
हर दिल को किसी ना किसी का इंतज़ार होता है,
कई सारी राहों से गुजरते ये जीवन पार होता है,
हर पल दिल सपने बुनता है तन्हाइयों के साए में,
मोहब्बत से ही तो यारों जीने का एहसास होता है...
बस तेरी आरजू, तेरी चाहत करेंगे हम,
तेरे लिए जहाँ से बगावत करेंगे हम,
मानो या ना मानो अपना मगर, हमने ये तय किया,
एक दिन तुम्हारे दिल पे हुकूमत करेंगे हम...
प्यार का अंजाम कौन सोचता है,
चाहने से पहले नियत कौन देखता है,
मोहब्बत है एक ख़ूबसूरत एहसास,
करते हैं सभी पर मुकाम कौन जानता है...
वो प्यारी सी हंसी, वो उसका खिलखिलाना,
बड़ी मासूमियत से यूँ नज़रे मिलाना,
जो देखूँ मैं उसको, तो उसका शरमाना,
मेरे दिल में हज़ारों उमंगें जगाना...
उस दिन ख़ुदा ने भी जसन मनाया होगा,
जिस दिन आपको अपने हाथों से बनाया होगा,
उसने भी बहाए होंगे आँसू,
जब आपको भेज कर खुद को तन्हा पाया होगा...
तुम्हें देखकर ये निगाह झुक जाएगी,
ख़ामोशी अब हर बात कह जाएगी,
पढ़ लेना इन आँखों में अपनी मोहब्बत को,
तेरी कसम सारी कायनात वहीं रुक जाएगी...