Love Shayari 11

मोहब्बत एक एहसासों की पावन सी कहानी है,
कभी कबीरा दीवाना था ,कभी मीरा दीवानी है,
यहाँ सब लोग कहते हैं मेरी आँखों में आँसू हैं,
जो तू समझे मोती है जो ना समझे तो पानी है...
कभी कोई अपना अनजान हो जाता है,
कभी किसी अनजान से प्यार हो जाता है,
ये जरुरी नहीं की जो ख़ुशी दे उसी से प्यार हो,
दिल तोड़ने वालों से भी प्यार हो जाता है...
मेरे वजूद में वफ़ा की रौशनी उतार दे,
फिर इतना प्यार दे की मुझे चाहतों से मार दे,

बहुत उदास हूँ इसलिए मैं तेरे पास आ गयी,
कुछ ऐसी बात कर जो दिल को चैन-ओ-करार दे,

सुना है तेरी एक नज़र संवारती है ज़िन्दगी,
जो हो सके तो आज मेरी ज़िन्दगी सँवार दे...
हर एक पल सामने मेरे तुम्हारा ही ये चेहरा हो,
तुम्हारी ही महक लाता हवाओं का ये पहरा हो,
तुम्हारे प्यार में पागल हुआ दिल कह रहा है अब,
तुम्हें मुझ पर भरोसा और गहरा और गहरा हो...
प्यार करके कोई जताए ये ज़रूरी तो नहीं,
याद करके कोई बताए ये ज़रूरी तो नहीं,
रोने वाले तो दिल में ही रो लेते हैं,
किसी की आँख में आँसू आएं ये ज़रूरी तो नहीं...
काश कोई हम पर भी इतना प्यार जताता,
पीछे से आकर वो हमारी आँखों को छुपाता,
हम पूंछते की कौन हो तुम,
वो हँसकर खुद को हमारी जान बताता...
अगर मोहब्बत सिर्फ इशारों में होती,
तो अलफाजों को खुबसूरती कौन देता,
बस पत्थर बनके रह जाता 'ताज महल'
अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता...
निकला करो इधर से भी होकर कभी-कभी,
आया करो हमारे भी घर पर कभी-कभी,
माना की रूठ जाना यूँ आदत है आपकी,
मगर लगते हैं अच्छे आपके ये तेवर कभी-कभी...
चाँद को सितारों से और मुझे तुमसे मोहब्बत है,
फूलों को बहारों से और मुझे तुमसे मोहब्बत है,
मिलो जो कभी किसी महफिल में तो नजरें झुका लेना,
कोई समझ ही ना पाए की मुझे तुमसे मोहब्बत है...
फूल हूँ मैं, मेरी खुशबू तुम हो,
दिल हूँ मैं, मेरी धड़कन तुम हो,
जान हूँ मैं और मेरी रूह तुम हो,
जिस्म हूँ मैं और मेरी ज़िन्दगी तुम हो...