Judai Shayari 2

जब कुछ सपने अधूरे रह जाते हैं,
तब दिल के दर्द आँसु बनके बेह जाते हैं,
जो कहते थे की हम सिर्फ आपके हैं,
पता नहीं कैसे अलविदा कह जाते हैं..
अब आँसुओं को आँखों में सजाना होगा,
चिराग बुझ गए खुदको जलाना होगा,
ना समझना की तुमसे बिछड़के खुश हैं हम,
हमें लोगों की खातिर मुस्कुराना होगा...
मुझसे नफरत की अजब राह निकाली उसने,
हँसता हुआ दिल कर दिया खाली उसने,
मेरे घर की रिवायत से वो खूब वाकिफ था,
जुदाई मांग ली बन के सवाली उसने...
उनके इंतज़ार के मारे हैं हम,
बस उन्ही की यादों के सहारे हैं हम,
दुनिया जीत के हमें करना क्या है अब,
जिसे दुनिया से जीतना था उसीसे हारे हैं हम...
किसी को प्यार इतना देना कि हद ना रहे,
पर ऐतबार भी इतना करना कि शक ना रहे,
वफ़ा इतनी करना कि बेवफाई ना रहे,
और दुआ इतनी करना कि जुदाई ना रहे...
मज़बूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं की वो बेवफा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में आँसू,
अकेले में आपसे भी ज्यादा रोता है...
हर कदम हर पल साथ है,
दूर होके भी हम आपके पास हैं,
आपको हो ना हो पर हमें आपकी कसम,
आपकी कमी का हर पल एहसास है...
कहते हैं वो मजबूर हैं हम,
ना चाहते हुए भी दूर हैं हम,
चुरा ली है उन्होंने धड़कने हमारी,
फिर भी कहते हैं बेक़सूर हैं हम...
ज़िन्दगी कितनी खुबसूरत होती,
अगर तेरी चाहत अधूरी ना होती,
कुछ उलजनें कुछ मजबूरियाँ बेशक होतीं,
मगर प्यार में इतनी दूरियाँ ना होतीं...
हमनें माँगा था साथ उनका,
वो जुदाई का गम दे गए,
हम उनकी यादों के सहारे जी लेते,
पर वो भूल जाने की कसम दे गए...