Intezar Shayari 1

भले ही राह चलतों का दामन थाम ले,
मगर मेरे प्यार को भी तु पहचान ले,
कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क में,
जरा यह दिल की बेताबी तु जान ले...
दिल में इंतज़ार की लकीर छोड़ जायेंगे,
आँखों में यादों की नमी छोड़ जायेंगे,
ढूंढते फिरोगे हमें एक दिन,
जिंदगी में एक यार की कमी छोड़ जायेंगे...
वो जानते हैं कि हम उनके इंतज़ार में हैं,
इसलिए शायद वो देर लगा रहे हैं,
वक्त कटता नहीं उनके बिना हमारा,
ये जानते हुए भी हमें सता रहे हैं,
ना जाने क्या मिलता है उन्हें हमें यूँ सता कर,
जो देर से आकर भी वो मुस्करा रहे हैं...
रूठी हुई आँखों में इंतज़ार होता है,
ना चाहते हुए भी हर किसी को प्यार होता है,
जिनके टूटने पर भी उनके सच होने का इंतज़ार होता है...
एक तमन्ना थी उनसे मिलने की,
उनको अपनी बांहों में लेने की,
पर हम ख़्वाहिशों में सिमट कर रह गए,
प्यार के समंदर में डूबने का शौक था,
पर हम किनारों पर खड़े रह गए,
मिले अगर कभी वो तो कहना हम सिर्फ उनके इंतज़ार में रह गए...
वफ़ा में अब ये हुनर इख्तिहार करना है,
वो सच कहे ना कहे एतबार करना है,
ये तुझको जाते रहने का शौक कबसे हुआ,
मुझे तो खैर तेरा इंतज़ार करना है...
यूँ ही नहीं रोज़ किसी का इंतज़ार होता है,
यूँ ही नहीं रोज़ ये दिल बेकरार होता है,
काश के कोई समझ पाता की,
चुप रहने वालों को भी किसी से प्यार होता है...
हमने दिल दिया, ये तुमपे एतबार की हद थी,
इश्क किया ये हमारे एतबार की हद थी,
हम मर गए पर खुली रही आँखें,
ये मेरे इंतज़ार की हद थी...
जाम टूटने का बहाना ना कर,
हम तो तेरी आँखों से पी लेंगे,
तू मत आ लेकिन आने का वादा तो कर,
हम तेरे इंतज़ार में जी लेंगे...
जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं...
वो आये ना आये हम "इंतजार" करते हैं..
झूठा ही सही मेरे यार का वादा..
हम आज भी सच मानकर उनपर एतबार करते हैं..