Intezar Shayari 1

तेरा इंतज़ार मुझे हर पल रहता है,
हर लम्हा मुझे तेरा एहसास रहता है,
तुझ बिन धड़कने रुक सी जाती हैं,
कि तु मेरे दिल में मेरी धड़कन बनके रहता है...
सामने ना हो तो तरसती हैं आँखें,
याद में तेरी बरसती हैं आँखें,
मेरे लिए नहीं इनके लिए ही आ जाओ,
आपका बेपनाह इंतज़ार करती हैं आँखें..
उससे प्यार हुआ जिसे हम कभी पा न सके,
जिसकी बातों को हम कभी भुला ना सके,
दिल लगाया और लगाकर तोड़ दिया उसने,
जिसे भुलाना चाहा पर हम भुला न सके....
वो कह गए मेरा इंतज़ार मत करना,
मैं कहूँ तो भी मेरा एतबार मत करना,
ये भी कहा उन्हें प्यार नहीं हमसे और,
ये भी कह गए किसी और से प्यार मत करना...
ना दिन का पता ना रात का,
एक जवाब दे रब मेरी बात का,
कितने दिन बीत गए उससे बिछड़े हुए,
ये बता दे कौन-सा दिन रखा है हमारी मुलाकात का...
यूँ पलके बीछा कर तेरा इंतज़ार करते हैं,
ये वो गुनाह है जो हम बार-बार करते हैं,
जलाकर हसरत की राह पर चिराग,
हम सुबह और शाम तेरे मिलने का इंतज़ार करते हैं..
कौन कहता है इश्क में बस इकरार होता है,
कौन कहता है इश्क में बस इनकार होता है,
तन्हाई को तुम बेबसी का नाम ना दो,
क्यूंकि इश्क का दूसरा नाम ही इंतज़ार होता है...
वफ़ा में अब ये हुनर इख्तिहार करना है,
वो सच कहे ना कहे एतबार करना है,
ये तुझको जाते रहने का शौक कबसे हुआ,
मुझे तो खैर तेरा इंतज़ार करना है...
भले ही राह चलतों का दामन थाम ले,
मगर मेरे प्यार को भी तु पहचान ले,
कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क में,
जरा यह दिल की बेताबी तु जान ले...
रूठी हुई आँखों में इंतज़ार होता है,
ना चाहते हुए भी हर किसी को प्यार होता है,
जिनके टूटने पर भी उनके सच होने का इंतज़ार होता है...