Holi Shayari 1

पिचकारी की धार, गुलाल की बौछार,
अपनों का प्यार, यही है यारों होली का त्यौहार..
--हैप्पी होली--
इससे पहले की रंगों का त्यौहार शुरु हो जाए,
बधाईयों का सिलसिला आम हो जाए,
रंगों में हमारा नाम खो जाए,
क्यों ना होली की अभी से राम-राम हो जाए...
रंग उड़ाये पिचकारी,
रंग से रंग जाए दुनिया सारी,
होली के रंग आपके जीवन को रंग दे,
ये शुभ-कामनाएँ हैं हमारी...
होली के दिन की ये मुलाकात याद रहेगी,
रंगों की ये बरसात याद रहेगी,
आपको मिले ये रंगीन दुनियाँ हमेशा,
दिल में मेरे ये हमेशा फ़रियाद रहेगी...
रंगों के त्यौहार में, सभी रंगों की हो भरमार,
ढेर सारी खुशियों से, भरा हो आपका संसार,
युही दुआ है हमारी भगवान से हर बार...
होली आई सतरंगी रंगों की बौछार लायी,
ढेर सारी मिठाई और मीठा मीठा प्यार लायी,
आपकी जिंदगी हो मीठे प्यार और खुशियों से भरी,
जिसमें समाये सातों रंग यही शुभकामना है हमारी...
छोड़ दिए वो धंदे,
जिनके अंजाम थे गंदे,
पूरा महिना नेक कामों में बिताएंगे,
अब होली के बाद ही नयी लड़की पटाएंगे...
रंगों का त्यौहार, आ गई होली,
रंग जाएं हम, उम्र है थोड़ी,
संग हो मस्ती, बोलें मन की बोली,
खिल जाए जहाँ, जब खेलें आँखों से होली...
सादे रंग को गलती से आप ना कोरा समझो,
इसी में समाये इन्द्रधनुषी सातों रंग,
जो दिखे आपको जिंदगी सादगी भरी किसी की,
तो आप यूँ समझो सतरंगी है दुनिया उसी की...
लाल, गुलाबी, नीला, पिला हाथों में लिया समेट,
होली के दिन रंगेंगे सजनी, करके मीठी भेंट...