Gam Shayari 1

ज़िन्दगी का मतलब आपने बता दिया,
हर गम का मतलब आपने समझा दिया,
आप तो रोकर भी अपने ग़मों को हल्का ना कर सके,
हमने खुशी की आड़ में अपने ग़मों को छुपा लिया...
साथ  छोड़ने का गम नहीं मुझे,
गम ये है तु मेरी ज़िन्दगी में आया क्यों,
प्यार की इस छोटी सी भूल के लिए ,
ज़िन्दगी भर मुझे रुलाया क्यों...
माना की तुम्हें मुझसे ज्यादा गम होगा,
मगर रोने से ये गम कभी ना कम होगा,
जीत ही लेंगे दिल की नाकाम बाजियाँ हम,
अगर मोहब्बत में हमारी दम होगा...
मुझे फिर तबाह कर मुझे फिर रुला जा,
सितम करने वाले कहीं से तू आजा,
आँखों में तेरी ही सूरत बसी है,
तेरी ही तरह तेरा ग़म भी हंसीं है...
ज़िन्दगी हम तुझे ठोकर मार देते,
अगर मैं अकेला ही तेरा हकदार होता,
हम खुशी को गले लगा लेते,
अगर नहीं हमें गमों से प्यार होता...
याद नहीं करोगे तो भुला भी ना सकोगे,
मेरा ख्याल जहन से मिटा भी ना सकोगे,
एक बार जो तुम मेरे गम से मिलोगे,
तो सारी उम्र मुस्कुरा ना सकोगे...
ना जीने की खुशी, ना मरने का गम,
उनसे मिलने की दुआ भी नहीं करते हम,
जीते हैं इसलिए की शायद वो एक दिन आयेंगे,
मरते इसलिए नहीं की वो अकेले रह जायेंगे...
खुदा से थोड़ी रहम खरीद लेते,
आपके ज़ख्मो का मरहम खरीद लेते,
अगर कहीं बिकती खुशियाँ मेरी,
तो सारी बेचकर आपका हर गम खरीद लेते...
खुशी को ढूंढने से गम मिलते हैं,
ये गम ज़िन्दगी में हरदम मिलते हैं,
जो दिल के सारे दर्द बाँट ले,
ऐसे लोग ज़िन्दगी में कम मिलते हैं...
आप हमें रुलादो हमें गम नहीं,
आप हमें भुलादो हमें कोई गम नहीं,
जिस दिन हमने आपको भुला दिया,
समझ लेना इस दुनिया में हम नहीं...