Funny Shayari 11

मैंने कहा दिलरुबा, उसने कहा पैसे दिखा,
मैंने कहा पैसे नहीं, उसने कहा कैसे नहीं,
मैंने कहा मंहगाई है, उसने कहा जा तू मेरा भाई है...
तेरी गलतियों को माफ कौन करता,
मैं ना रहता तो इंसाफ कौन करता,
खुदा सलामत रखे मेरे दोस्त को,
वरना मेरी शादी में प्लेट साफ़ कौन करता...
आये वो मेरी कब्र पर,
दिया बुझा के चले गए,
दिए में जो तेल था,
सर पे लगा के चले गए...
तेरे लिए कुछ भी कर सकता हूँ,
लेकिन अभी मुझे कुछ काम है,
तेरे लिए सागर में डूब सकता हूँ,
लेकिन अभी मुझे जुकाम है...
हम उनकी गली से गुज़रे, वो एक इत्तेफाक था,
हम उनकी गली से गुज़रे, वो एक इत्तेफाक था,

खिड़की से मुझ पर गिरा एक फूल,
अजी हाँ,
खिड़की से मुझ पर गिरा एक फूल,
गमला भी उसके साथ था...
वो पेड़ क्या, जिसमें डाली ना हो,
वो बाग क्या, जिसमें माली ना हो,
वो घर क्या, जिसमें घर वाली ना हो,
और वो मर्द क्या, जिसकी बाहर वाली ना हो...
इश्क में हम तुम्हें क्या बताएं,
किस कदर चोट खाए हुए हैं,
.
.
कल मारा था उसके बाप ने,
आज भाई भी आए हुए हैं...
बैठे हैं तेरे ख्यालों में, कागज़ पे लिखा है तेरा नाम,
कागज़ पे तेरी तस्वीर लगा के, लिखा है ये पैगाम,
जिंदा या मुर्दा पकड़ने वाले को, मिलेगा 50000 का इनाम...
जब देखा उन्होंने तिरछी नज़र से,
तो हम मदहोश हो गए,
जब पता चला की नजरें ही तिरछी हैं,
तो हम बेहोश हो गए...
आशिक पागल हो जाते हैं प्यार में,
बाकी कसर पूरी हो जाती है इंतज़ार में,
मगर ये दिलरुबा नहीं समझती,
गोलगप्पे खाती फिरती हैं बाज़ार में...