Dua Shayari 6

क्या दोस्ती है हमारी, जो मैं तुम पे मरता हूँ,
हर समय तुम्हारे आने का इंतज़ार करता हूँ,

ना कोई गिला है तुमसे, इसलिए तो मैं हर रोज़,
तुम्हारे लिए खुदा से दुआ करता हूँ...
मुस्कुराने की हर वजह आप हो,
हमारी ज़िन्दगी में हर जगह आप हो,
हमें मिलेगी जब भी कोई ख़ुशी,
हम समझ जाएँगे खुदा से दुआ करने वाले आप हो...
दूसरों को हमारी सजाएं ना दे,
चांदनी रात को बद्दुाएं ना दे,

फूल से आशिकी का हुनर सिख ले,
तितलियाँ खुद रुकेंगी सदाएं ना दे,

सब गुनाहों का इकरार करने लगे,
इस कदर खुबसूरत सजाएं ना दे,

मैं बिखर जाऊंगा आँसुओं की तरह,
इस कदर प्यार से बद्दुाएं ना दे...
या खुदा मेरी दुआओं में इतना असर करदे,
खुशियाँ उसे, दर्द उसका मुझे नज़र करदे,
दिलों से दूरियों का एहसास मिटा दे या मौला,
नहीं तो उसके आँचल को मेरा कफ़न करदे...
उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको,
खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको,
हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं,
देनेवाला हज़ार खुशियाँ दे आपको..
उनकी दुआओं से हमें वो सहारा मिला,
जो मिलता नहीं किसी को वो किनारा मिला,
किन लफ़्ज़ों में हम बया करें उनकी अहमियत,
जाने कितनों की भीड़ में कोई इतना प्यारा मिला...
रूठकर बैठ ना जाना हमको मनाने वाले,
राह खुद भूल ना जाना राह दिखाने वाले,
आपके आँगन में बरसे ख़ुशी के बादल,
यही दुआ करते हैं हम अश्क बहाने वाले...
कुछ खबर नहीं हमको अपना या पराया है,
गली में आया है हम दुआएं देते हैं तुमको,
फिर भी जान-ए-जान मगर तुमने,
इस दिल को बेपनाह सताया है...
ये आरजू नहीं की किसी को बुलाएं हम,
ना तम्मना है किसी को रुलाएं हम,
पर दुआ है उस रब से एक ही,
जिसको जितना याद करते हैं उसको उतना याद आयें हम...
वो बात क्या करूँ जिसकी खबर ही ना हो,
वो दुआ क्या करूँ जिसमें असर ही ना हो,
कैसे कह दूँ आपको लग जाए मेरी उम्र,
क्या पता अगले पल मेरी उम्र ही ना हो...