Dua Shayari 3

यार के इंतज़ार में दिल बेक़रार हो जाए,
उनके दीदार की घड़ी जैसे बहार हो जाए,
हमारी भी रब से यही दुआ है दोस्तों,
दुनिया में सबको ऐसे ही प्यार हो जाए...
मेरे दिल ने जब भी दुआ मांगी है,
तुझे माँगा है तेरी वफा मांगी है,
जिस मोहब्बत को देख के दुनिया को रश्क आये,
तेरे प्यार करने की वो ही एक अदा मांगी है...
छोटे से दिल में अफ़साने बहुत हैं,
ज़िन्दगी से ज्यादा इसमें ज़ख्म बहुत हैं,
मार डालती कब की ये दुनिया मुझे,
कमभख्त आपकी दुओं में असर बहुत है...
हर दुआओं में दिल से दुआ करते हैं,
हाथ फैलाये रब से इल्तजा करते हैं,
उनपर गम का साया ना आने पाये,
जो हमें आपनो में गिना करते हैं...
ए रूह तु ज़रा धीरे-धीरे निकल,
कहीं उस बे-खबर को खबर ना हो जाये,
मेरी ज़िन्दगी की दुआ मांगती है वो सदा,
कहीं उसकी दुआ का असर ना हो जाये...
अपनी मोहब्बत फ़ना कौन करेगा,
सभी नेक बन गए तो गुन्हा कौन करेगा,
अल्लाह मेरे चाहने वाले की हिफाज़त करना,
वरना मेरी ज़िन्दगी की दुआ कौन करेगा...
यादों की राहों मैं कभी अकेलापन ना मिले,
ए दोस्त ज़िन्दगी में तुम्हें कभी गम ना मिले,
दुआ करते हैं हम खुदा से,
तुम्हें जो भी दोस्त मिले हमसे कम ना मिले...
किसी के हक में ही सही खैर वो दुआ तो करे,
वो कह नहीं सकती खैर मेरी सुना तो करो,
मैं लौट जाऊंगा अपनी उदास दुनिया में, खैर,
वो शक्स मुझसे बिछड़ने का एक दफा फैसला तो करे...
ज़माने से सुना था की मोहब्बत हार जाती है,
जो चाहत एक तरफ़ा हो वो चाहत हार जाती है,
कहीं दुआ का एक लफ्ज़ असर कर जाता है,
और कहीं बरसो की इबादत हार जाती है...
टूट जाते हैं सभी रिश्ते मगर,
दिल से दिल का राबता अपनी जगह,
दिल को है तुझसे ना मिलने का यकीन,
तुझसे मिलने की दुआ अपनी जगह...