Dua Shayari 2

मेरी तन्हाई का मुझे गिला नहीं,
क्या हुआ जब वो मुझे मिले नहीं,
फिर भी दुआ करेंगे आपके वास्ते,
आपको वो सब मिले, जो मुझे मिला नहीं...
फूलों की वादियों में बसेरा हो आपका,
तारों के आँगन में खुबसूरत सवेरा हो आपका,
दुआ है मेरी ये अपने दोस्त के लिए,
सारे जहाँ से भी प्यारा नसीब हो आपका...
ए खुदा दुआ ये मेरी खाली ना जाए,
कि मेरे दोस्त की पलकों में कभी आँसू ना आए,
आँसू निकले तो खुशी के निकले,
गम के आँसू मेरे हिस्से में आ जाएं...
अपने दिल में तुम्हारे प्यार की दास्तान लिखी है,
ना थोड़ी ना बहुत तमाम लिखी है,
कभी हमारे लिए भी दुआ कर लिया करो,
क्यूंकि हमने अपनी हर एक साँस तुम्हारे नाम लिखी है..
ज़रूरी नहीं की प्यार की मंजिल मिल जाये,
जिसे हम चाहते हैं वो हमें मिल जाये,
ना मिले तो ना कहो उसे बेवफा,
दुआ करो कोई हमसे भी प्यारा उसे मिल जाये...
हमारी तो दुआ है ये की गिला नहीं,
वो फूल जो आज तक यहाँ खिला नहीं,
खुदा करे आपको वो सब कुछ मिले,
जो आज तक किसी को कभी मिला नहीं...
तुम मुझे याद करते तो मैं गम नहीं करता,
एक मैं हु जिससे कोई वफ़ा नहीं करता,
अगर देती तु सिला मेरी वफाओं का तो,
मैं भूल जाऊ तुझे कभी ये दुआ नहीं करता...
जुदा हो के तुमने हमें मौत से भी बत्तर सज़ा दी है,
फिर भी इस तड़पते दिल ने तुम्हें खुश रहने की दुआ दी है...
खुदा की फुर्सत में एक पल आया होगा,
जब उसने आप जैसे प्यारे इंसान को बनाया होगा,
ना जाने कौनसी दुआ कबूल हुई हमारी,
जो उसने आपको हमसे मिलाया होगा...
दुआ है कि कामयाबी के हर शिखर पे आपका नाम होगा,
आपके हर कदम पर दुनिया का सलाम होगा,
हिम्मत से मुश्किलों का सामना करना,
हमारी दुआ है कि वक़्त भी आपका गुलाम होगा...