Dosti Shayari 1

नब्ज़ मेरी देखी और बीमार लिख दिया,
रोग मेरा उसने दोस्तों का प्यार लिख दिया,
कर्ज़दार रहेंगे  उम्र भर उस हकीम के,
जिसने दवा में दोस्तों का साथ लिख दिया...
दोस्ती ज़िन्दगी में रौशनी कर देती है,
हर ख़ुशी को दोगुनी कर देती है,
कभी झूम के बरसती है बंजर दिल पे,
कभी अमावस को चांदनी कर देती है...
तुम्हारी ख़ुशी से ही नहीं,
गम से भी रिश्ता है हमारा,

ये जो तुम्हारी ज़िन्दगी है,
वो एक हिस्सा है हमारा,

ऐ-दोस्त तुमसे लफ़्ज़ों का ही नहीं,
रूह का भी रिश्ता है हमारा...
एक हसीन पल की ज़रुरत है हमें,
बीते हुए कल की ज़रूरत है हमें,
सारा जमाना रूठ गया हमसे,
जो कभी न रूठे ऐसे दोस्त की ज़रूरत है हमें..
दोस्ती का रिश्ता दो अंजानो को जोड़ देता है,
हर कदम पर ज़िन्दगी को नया मोड़ देता है,
सच्चा दोस्त साथ देता है तब,
जब अपना साया भी साथ छोड़ देता है...
मुस्कान का कोई मोल नहीं होता,
कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता,
लोग तो मिल जाते हैं हर रास्ते पर,
लेकिन हर कोई आपकी तरह अनमोल नहीं होता..
दोस्ती की जुदाई का गम करना,
दूर रहके भी दोस्ती कम मत करना,
अगर मिलाये ज़िन्दगी किसी मोड़ पे,
तो हमें देख कर आँखें बंद मत करना...
दूरियां बहुत हैं पर इतना समझ लो,
पास रहकर भी कोई रिश्ता ख़ास नहीं होता,
आपकी दोस्ती ऐसी है की दूरियों का एहसास नहीं होता...
महफिल में ना सही तन्हाई में तो याद करोगे,
कभी तो उस खुदा से फ़रियाद करोगे,
ना मिला है ना मिलेगा हमारे जैसा दोस्त,
कभी तो इस बात पे नाज़ करोगे...
कुछ रिश्ते खुदा बनाते हैं,
कुछ रिश्ते लोग बनाते हैं,
कुछ लोग बिना रिश्ते के ही रिश्ता निभाते हैं,
शायद वही दोस्त कहलाते हैं...