Dil Se Shayari 2

तेरी दूरी का एहसास जब सताने लगा,
तेरी साथ गुज़रा हर लम्हा याद आने लगा,
जब भी भुलाने की कोशिश की,
तू दिल के और करीब आने लगा...
उनसे अब ये दर्द के रिश्ते बन चुके हैं,
हम मर जाते पर सिर्फ उनके एक इशारे के लिए रुके हैं,
अगर खुश होते हैं हमें वो जलता देख,
तो हम उनकी इस ख्वाहिश के आगे भी झुके हैं...
रेत पे नाम कभी लिखते नहीं, रेत पर नाम कभी टिकते नहीं,
हम तो पत्थर दिल हैं,
और पत्थर पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं...
कब मैंने कहा की चांदी और सोना चाहिए,
बस आपके दिल में एक छोटा सा कोना चाहिए,
कह सकें जिसे हम दिल से अपना,
ऐसा भी तो कोई दोस्त होना चाहिए...
तेरे इंतज़ार में छोड़ा दुनिया का साथ,
तेरे इंतज़ार में छोड़ा अपनों का साथ,
जब तुझे जाना ही था तो क्यों दिया वादों का साथ,
रह गया अब मैं, बस अपने गमों के साथ...
फूल की शुरुआत कली से होती है,
ज़िन्दगी की शुरुआत प्यार से होती है,
प्यार की शुरुआत अपनों से होती है,
अपनों की शुरुआत आपसे होती है...
काँटों को चुभाना सिखाया नहीं जाता,
फूल को खिलना सिखाया नहीं जाता,
कोई बन जाता है खुद-ब-खुद अपना,
किसी को अपना बनाया नहीं जाता...
पलकों में क़ैद कुछ सपने हैं,
कुछ बैगाने कुछ अपने हैं,
ना जाने क्या कशिश है इन ख्यालों में,
वो गैर होके भी कितने अपने हैं...
हसरतें रह जाएंगी आपके बिन अधूरी,
ज़िन्दगी ना होगी आपके बिन पूरी,
अब और सही जाए ना ये दूरी,
जीने के लिए आपका साथ है बहुत ज़रूरी...
सादगी में एक अदा इतनी प्यारी लगी,
आपकी दोस्ती हमको सबसे निराली लगी,
ये ना टूटे कभी यही दुआ है,
क्योंकि यही इस दुनिया में हमको हमारी लगी...