Dard Shayari 12

याद बसी है सीने में दर्द की तरह,
रहते हो निगाहों में ख्वाब की तरह,
हम तो जी रहें हैं मर-मर के,
तुम भूल गए हमें ली हुई सांस की तरह...
दर्द ने किसी को तड़पाया ना होता,
आँखों ने किसी को रुलाया ना होता,
खुशी ही खुशी होती हर किसी के पास,
अगर खुदा ने इस मोहब्बत को बनाया ना होता...
बरसात की हर बूंद में समाए हो तुम,
हर दिल में ख़ास जगह बनाए हो तुम,
यूँ तो हमदर्द की कमी नहीं,
पर ना जाने क्यों बहुत याद आए हो तुम...
शमा की रौशनी से अँधेरा दूर होता है,
दुनिया में हर कोई मजबूर होता है,
तुम हो, मैं हूँ या हो और कोई,
दर्द सिर्फ उसी को मिलता है, जो बेकसूर होता है...
तुम क्या जानो तुमसे प्यार करने की क्या सज़ा मिली है,
जब महसूस होता है दर्द तड़प उठता हूँ,
ना जाने तेरे झूठे प्यार में,
और कितनों का दिल टुटा है...
आपको पाने की ख्वाइस जीने से ज्यादा,
आपको खोने का डर मरने से ज्यादा,
आपसे बिछड़ने का दर्द हर दर्द से ज्यादा,
क्योंकि हम आपको चाहते हैं खुद से ज्यादा...
दर्द की दीवार पे फ़रियाद लिखा करते हैं,
हर रात तन्हाई को आबाद किया करते हैं,
ऐ खुदा उन्हें खुश रखना,
जिसे हम तुम्हारे बाद सबसे ज्यादा याद किया करते हैं...
टूटे पत्ते का दर्द उसकी शाख से पूछो,
धरती की प्यास बरसात से पूछो,
याद करते हैं हम आपको कितना,
ये हमसे नहीं बस आपने आपसे पूछो...
आंसू आँखों से गिरने ना पाए,
ना दर्द हो कभी आपको, ना कभी चोट आए,
मेरे हिस्से में खुशियाँ ज्यादा तो नहीं,
पर रब से दुआ है वो भी आपको मिल जाए...
मेरे दिल का दर्द किसने देखा है,
हमें बस खुदा ने ही तड़पते देखा है,
हम तन्हाई में बैठकर रोते हैं,
पर लोगों ने हमें हर वक्त हँसते हुए ही देखा है...