Chand Sitare Shayari 1

कोई चाँद सितारा है,
कोई फूल से प्यारा है,

कोई ख़ुशी का इशारा है,
कोई दिल का सहारा है,

तुम्हें इतना बताना है,
वो नाम तुम्हारा है...
ये दिल प्यार के काबिल ना रहा,
कोई भी इज़हार के काबिल ना रहा,
इस दिल में बस गई दोस्ती आपकी,
अब तो चाँद भी दीदार के काबिल ना रहा...
टूटे ख्वाबों की तस्वीर कब पूरी होती है,
चाँद तारों के बीच भी दूरी होती है,
देना तो हमें खुदा सब कुछ चाहता है,
पर उसकी भी कुछ मजबूरी होती है...
महफिल ना होती, नज़ारे ना होते,
यूँ चाँद के पहलु में सितारे ना होते,
हम इसलिए आपकी करते हैं परवाह,
क्योंकि दिल के करीब सारे नहीं होते...
रात को जब चाँद सितारे चमकते हैं,
हम फिर तेरी याद में तड़पते हैं,
आप तो चले गए जो छोड़कर हमको,
मगर हम तुमसे मिलने को तरसते हैं...
अपनी हर साँस तुझे देना गवारा करलूं,
चाँद बन जाऊं मैं और तुम्हें सितारा करलूं,
तुमने हर मोड़ पे थामा है मुझे गिरते हुए,
समंदर बन जाऊं और तुम्हें अपना किनारा करलूं...
देते हो क्यों ये दर्द बस हम ही को,
क्या समझोगे तुम इन आँखों की नमी को,
यूँ तो होंगे लाखों दीवाने इस चाँद के,
चाँद क्या महसूस करेगा एक तारे की कमी को...
रात का आखरी पहर था, मुझसे चाँद ने कहा,
हमनशीन अलविदा मुझको नींद आ रही है,

कल मिलेंगे इसी जगह, में सुनकर मुस्कुरा दिया,
उसको बतला दिया जाने वाले लौटते नहीं,

तुम नहीं आओगे मुझे है यकीन,
मेरी बात सुनके वो रुक गया,

और कहने लगा तुमसे वादा करूँ, फिर पूरा ना करूँ,
ऐसा मुमकिन नहीं, सुन ऐ हमनशीन, में चाँद हूँ इंसान नहीं...
इस प्यार का अंदाज़ कुछ ऐसा है,
क्या बतायें की यह अंदाज़ कैसा है,
कौन कहता है कि तुम चाँद जैसे हो,
सच तो यह है कि चाँद तुम्हारे जैसा है...
ये भी क्या एहसान कम है देखिये ना आपका,
हो रहा है हर तरफ चर्चा हमारा और आपका,

चाँद में तो दाग है पर आप में वो भी नहीं,
चौदहवीं के चाँद से बड़कर है चहरा आपका,

इश्क में ऐसे भी हम डूबे हुए हैं आपके,
अपने चेहरे पे सदा होता है धोखा आपका,

चाँद, सूरज, धुप, सुबह, तारे, शमा,
हर उजाले ने चुराया है उजाला आपका...