2 Line Shayari Shayari 1

तेरी पाकीज़ा निगाहों में फुतूर आ जाएगा,
आइना मत देख तुझमें भी गुरुर आ जाएगा...
तेरा ना हो सका तो मर जाऊँगा,
कितना खूबसूरत झूठ वो बोलता था..
ज़िक्र तेरा है, या कोई नशा है,
जब-जब होता है, दिल बहक जाता है..
दिल की नाज़ुक धड़कनों को मेरे सनम तुमने धड़कना सिखा दिया,
जब से मिला है तेरा प्यार दिल को गम में भी मुस्कुराना सिखा दिया..
इतनी चाहत से ना देखा कीजिए महफ़िल में आप,
शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी..
तेरे प्यार की हिफाजत कुछ इस तरह से की हमने,
जब भी कभी किसी ने प्यार से देखा तो नजरें झुका ली हमने..
छोड़ दिया हमने उसके दीदार का शोक हमेशा के लिए,
जिसे मोहब्बत की कदर न हो उसे मुड़-मुड़ के क्या देखना..
जब भी जी में आए मेरे पास चली आती हो,
ऐ शब-ऐ-तन्हाई क्या तेरा भी मेरे सिवा कोई नहीं..
वो मेरे दिल पर सर रख कर सोई थी बेखबर,
हमने धड़कन ही रोक ली की कहीं उसकी नींद ना टूट जाए..
बेपनाह मोहब्बत का एक ही उसूल है,
मिले या ना मिले, तू हर हाल में कुबूल है..