2 Line Shayari Shayari 8

मुझसे मत पूछ की क्यों आँखें झुका ली मैंने,
तेरी तस्वीर थी इन आँखों में वो तुझी से छुपा ली मैंने..
ना सर झुका है कभी और ना झुकाएँगे कभी,
जो अपने दम पे जिए सच में ज़िन्दगी है वही..
पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता है,
दिल पे होता है असर जब पलकों को छूती हैं..
ना प्यार कम हुआ है ना ही प्यार का अहसास,
बस ज़िन्दगी काटने की आदत हो गई है उसके बिना..
प्यार है या कुछ और ये तो पता नहीं,
पर जो तुमसे है वो किसी और से नहीं..
मैं उसके ख्याल से निकलूँ तो कैसे निकलूँ,
वो मेरी सोच के हर रास्ते पर आता है..
हमारी शायरी पढ़कर बस इतना सा बोले वो,
कलम चीन लो इनसे ये लफ्ज़ दिल चीर देते हैं..
हमें हारने का शौक नहीं,
हम खेलते हैं उस अंदाज़ से, कि लोग मैदान छोड़ देते हैं..
मोहब्बत कर सकते हो तो ख़ुदा से करो दोस्तों,
मिट्टी के खिलौनों से कभी वफ़ा नहीं मिलती..
ओढ़ कर मिट्टी की चादर बे निशान हो जाएँगे,
एक दिन आएगा हम भी दास्तां हो जाएँगे..