2 Line Shayari Shayari 27

मिलना है तुमसे, खोने से पहले, कहना है तुमसे, रूठने से पहले,
रूठना है तुमसे, जाने से पहले और जीना है तुम्हारे साथ मरने से पहले..
अभी इस तरफ ना निगाह कर, मैं ग़ज़ल की पलकें सँवार लूँ,
मेरा लफ्ज़-लफ्ज़ हो आईना, तुझे आईने में उतार लूँ..
ये चालाकियां कहाँ मिलती हैं, कोई मुझे भी बताओ यारों,
हर कोई ठग लेता है, ज़रा सा मीठा बोलकर..
कातिल तू नहीं मेरी जान, कातिल तेरी अदा है,
इसलिए तो हम कहते हैं कि तू सबसे जुदा है..
ये कैसा है एहसास तू ही तू है दिल के पास,
नींद है कि आती नहीं और बढ़ती जाती है प्यास..
निगाहों से दिल में घर करके, मेरे ख़्वाबों की हकीक़त हो गए हो तुम,
इश्क के सफ़र की मंज़िल बनके, मेरी बेखुदी की वजह हो गए हो तुम...
काश तू मेरी ज़िन्दगी में आई नहीं होती,
ये चाँद ये तारे ये खुदाई नहीं होती..
हमसे कहते हैं कि त्याग में ही ख़ुशी का एहसास है,
उन्हें क्या पता त्याग के बाद भी वो मेरे पास है..
तुझसे प्रीत लगाई तो दुनिया की याद ना आई थी,
दुनिया को पलट कर देखा तो तेरी ही परछाई थी..
हम ही पागल थे जो दिलों का खेल तेरे साथ खेल बैठे,
तेरी आदत तो बचपन से खिलौना तोड़ देने की थी..