2 Line Shayari Shayari 24

तुमसे बिछड़ कर भी तेरे पास रहता हूँ,
खुदा गवाह है मैं बहुत उदास रहता हूँ..
हमें मालूम था अंजाम इश्क का लेकिन,
जवानी जोश पर थी, ज़िन्दगी बरबाद कर बैठे..
मैं बद्दुआ तो नहीं दे रहा हूँ उसको मगर,
दुआ यही है उसे मुझसा अब कोई ना मिले..
अपनी नाकामी का एक सबब ये भी है,
चीज़ जो मांगते हैं सबसे जुदा मांगते हैं..
ख्वाहिशों का काफ़िला भी अजीब ही है,
अक्सर वहीं से गुज़रता है जहाँ रास्ता ना हो..
बहुत पहले ही उन क़दमों की आहट जान लेते हैं,
तुझे ऐ-ज़िन्दगी, हम दूर से ही पहचान लेते हैं..
धोका देती है अक्सर चमक शरीफ चेहरों की,
क्योंकि हर कांच का टुकड़ा हीरा नहीं होता..
जब आँखों आँखों में बात होती हो,
तो जुबान की क्या हिम्मत..
प्यार की किस्मत कोई ना जाने, मर मिटने को तैयार हैं दीवाने,
दुनिया देखे तमाशा और कहे, जल गए प्यार में परवाने...
खुद के कांधों पर जीना सीख ए-साथी,
इंसान का कोई भरोसा नहीं कब पलट जाए..