2 Line Shayari Shayari 1

मोहब्बत नाम है जिसका वो ऐसी क़ैद है,
की उमरें बीत जाती हैं लेकिन सज़ा पूरी नहीं होती..
रात की तन्हाइयों में तो कोई भी याद कर लेता है,
जो दुनिया की भीड़ में याद करे अपना उसको कहते हैं..
मोहब्बत के रंग में रंग जाओ तुम, ऐसे तुमसे इज़हार करूँ,
सिर्फ मेरी बस मेरी हो जाओ तुम, कुछ ऐसे तुम्हें प्यार करूँ..
तेरी पाकीज़ा निगाहों में फुतूर आ जाएगा,
आइना मत देख तुझमें भी गुरुर आ जाएगा...
हाल तो पूंछ लूँ तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी,
जब-जब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है..
तेरा ना हो सका तो मर जाऊँगा,
कितना खूबसूरत झूठ वो बोलता था..
झूठ बोलने का रियाज़ करता हूँ सुबह और शाम मैं,
सच बोलने की अदा ने हमसे कई अजीज़ यार छीन लिए..
ज़िक्र तेरा है, या कोई नशा है,
जब-जब होता है, दिल बहक जाता है..
जब भी जी में आए मेरे पास चली आती हो,
ऐ शब-ऐ-तन्हाई क्या तेरा भी मेरे सिवा कोई नहीं..
दिल की नाज़ुक धड़कनों को मेरे सनम तुमने धड़कना सिखा दिया,
जब से मिला है तेरा प्यार दिल को गम में भी मुस्कुराना सिखा दिया..